Amazon Big Sell

Shendur lal chadhayo..

शेंदूर लाल चढायो अच्छा गजमुखको ।
दोंदिल लाल बिराजे सुत गौरीहरको ॥

हाथ लिये गुडलडु साई सुरवरको ।
महिमा कहे न जाय लागत हूँ पदको ॥१॥

जय जयजी गणराज विद्या सुखदाता ।।
धन्य तुम्हारा दर्शन मेरा मन रमता ॥ ध्रु० ॥

अष्टौ सिद्धी दासी संकटको बैरी।
विघ्नविनाशन मंगलमूरत अधिकारी ॥

कोटीसुरजप्रकाश ऐसी छबि तेरी।
गंडस्थलमदमस्तक झले शशिबहारी ॥जय० ॥२॥

जय जयजी गणराज विद्या सुखदाता ।
धन्य तुम्हारा दर्शन मेरा मन रमता ॥ ध्रु० ॥

भावभगतिसे कोई शारणागत आवे ।
संतति संपति सबही भरपूर पावे ।
ऐसे तुम महाराज मोको अति भवे ।
गोसावीनंदन निशिदिन गुण गावे ॥ जय० ॥३॥

जय जयजी गणराज विद्या सुखदाता ।
धन्य तुम्हारा दर्शन मेरा मन रमता ॥ ध्रु० ॥

Asha Transcription

About admin

Check Also

Tu sukhkarta tu dukhharta

तूं सुखकर्ता तूं दुःखकर्ता विघ्नविनाशक मोरया । संकटीं रक्षीं शरण तुला मी, गणपतीबाप्पा मोरया ॥ …

Leave a Reply

Your email address will not be published.